रोहतांग सुरंग: Rohtang Tunnel

Rohtang Tunnel in Hindi  दोस्तों इस पोस्ट में  हम रोहतांग सुरंग Rohtang Tunnel के बारे में जानेगे। एक एसी सुरंग जो 3000 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है। Rohtang Tunnel यह सुरंग हिमाचल प्रदेश के मनाली में रोहतांग के समीप बनाई गई है।

यह सुरंग अपने आप में Engineering का एक बेहतर नमूना है।इस सुरंग को बनाने का मुखय उद्देश्य दो जिलों को आपस में जोड़ना ही नहीं बल्कि  पूरा साल रोहतांग से अवाजाही को सुनिश्चित करना भी है । आईए जानते है इस टनल के बारे में ।

“अटल टनल” अर्थात Rohtang Tunnel

रोहतांग टनल अर्थात अटल टनल, जी हाँ रोहतांग टनल को “अटल टनल” के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने रोहतांग टनल का नाम बदल कर अटल  टनल कर दिया है । यह नाम भारत के पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है।

3 June 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री  श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने रोहतांग में टनल बनाने की घोषणा की थी। इसलिए इस टनल को अटल टनल का नाम दिया गया है । साल में लगभग छ: महीने बर्फ से ढके होने के कारण रोहतांग दर्रे को पार करना मुश्किल था । इसलिए इस सुरंग को बनाना अति आवश्यक था । ताकि पूरा साल अवाजाही बनी रहे ।

BRO  अर्थात Border Road Organization की देख रेख में यह टनल  त्यार की गई है । यह टनल सुरक्षा की दृष्टी से भी महत्वपूर्ण है । जो भारतीय सेना को लेह लद्दाख तक पहुँचाने में भी सहायक है ।

विश्व की सबसे लम्बी टनल

अटल टनल विश्व की सबसे लम्बी टनल है । जो समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर बनी  बनी है । इस टनल की लम्बाई लगभग 9 कि० मी० के करीब है । इस  टनल के बनने से  मनाली से लेह की दुरी को लगभग 46 कि० मी० कम हो जाएगी। जिससे लोगों को अवाजाही में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी । यह टनल मनाली से लेह तथा लाहुल स्पीती को हर  मौसम में जोड़ने का विकल्प है । टनल शुरू होने से लाहुल घाटी में पर्यटन तथा शीतकालीन खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा ।

निर्माण तथा लागत

अटल टनल का आकार घोड़े की नाल का है । जिसका निर्माण ऑस्ट्रेलिया की कंपनी स्ट्राबैक  तथा भारतीय कंपनी एफ्कोन दोनों मिलकर कर रही है । June 2010 में इस टनल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। जो लगभग अब पूरा हो चुका है । September 2020 में इस टनल का उद्घाटन देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा होना निश्चित हुआ है ।

इस टनल को बनाने में लगभग 4000 करोड़ रुपये का खर्च आया है । शुरुआत  में इस टनल के निर्माण की लागत 1400 करोड रूपये  के करीब आंकी गई थी । लेकिन टनल निर्माण के दौरान टनल में पानी का अधिक रिसाव होने के कारण इस के निर्माण में लगभग पांच वर्षो का अतिरिक्त समय लगा । जिस से इस टनल के निर्माण की लागत  भी 1400 करोड़ रुपये से बढ़ कर 4000 करोड़ रुपये हो गई ।

BRO के अधिकारियों के मुताबिक सितम्बर 2020 में यह टनल नियमित अवाजाही के लिए खोल दिया जायेगा ।

दोस्तों यह टनल अपने आप में एक अजूबा है । आप जब कभी मनाली आए तो इस टनल को जरुर विजिट करे । आप को हमारी यह पोस्ट कैसे लगी । कमेंट कर कर जरुर बतायें। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे।

 

 

 

 


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *