Dr. Y.S. Parmar

Dr.Y. S. Parmar हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री

दोस्तों हम इस ब्लॉग पोस्ट में Dr. Y.S. Parmar हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री के

बारे में जानेगेहिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री जिन्हें आधुनिक हिमाचल का निर्माता भी कहा जाता है

उनके नाम से Dr. Y. S. Parmar University of Horticulture and Forestry आज भी शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग मुकाम हासिल किए हुए है। 

Y. S. Parmar का जन्म 4 Agust 1906 को सिरमौर रियासत में बगथान गाँव के एक राजपूत परिवार में हुआ था। Dr. Y.S. Parmar हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री थे ।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा नाहन के हाई स्कूल से हुई। आसपास कोई कॉलेज ना होने के कारण आगामी पढ़ाई के लिए लाहौर के क्रिस्टियन कॉलेज फॉर मैन में भेजा गया।

जहा से उन्होंने 20 वर्ष की उम्र में B.A. की डिग्री 1926 में हासिल की। 1928 में उन्होंने लखनऊ के Kennig College से Master of Arts (M.A.) किया।

तत्पश्चात 1944 में उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से Ph d. की डिग्री हासिल की। वह 1930 से 1937 तक सिरमौर के Magistrate (first class) भी रहे।

1937 से 1941 तक जिला सत्र नयाँयधीश भी रहे। 8 March 1952 में Dr. Y. S. Parmar हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री बने। बह 31 October 1956 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

November 1956 में हिमाचल को केन्द्र शाशित प्रदेश बना दिया गया। जिस के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोडना पड़ा । 1957 में वह Member of Parliament बने।

1 July 1963 में दूसरी बार वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और 24 January 1977 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। हिमाचल को पूरण राज्य का दर्ज़ा दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

सादा जीवन जीने वाले डॉ. परमार को हिमाचल की परंपरा एवम संस्क्रति से विशेष लगाव था । डॉ॰ परमार ने 2 मई 1981 को अंतिम साँस ली।

आज उन्हें आधुनिक हिमाचल के निर्माता के रूप में जाना जाता है ।




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